सीरीज : लाल कुँआ
Season 1तलबे–दिल, लाल कुँआ दूर है
राहे–मुसाफ़िर को तारे देखते हैं,
ख़्वाबों में उसको सितारे देखते हैं,
बेशक, वो लड़की मशहूर है,
तलबे–दिल, लाल कुँआ दूर है।
उसकी नक्काशी! खुदा ने शौक़ से बनाया हो,
जैसे अंगूठी में किसी कोहिनूर को छिपाया हो,
दुआएं उससे लेती जन्नत की हूर हैं,
तलबे–दिल, लाल कुँआ दूर है।
अदाएं इंद्रधनुष, निगाहें उसकी तीर हैं,
हया में फूल, खफी तो शमशीर है,
उससे भी मोहब्बती हाय! उसका गुरूर है,
तलबे–दिल, लाल कुँआ दूर है।
सुनहरे अक्षरों ने लफ्ज़ ढूंढ़ डाला,
खुदा जपता है, वो उन मोतियों की माला,
तड़पना उसके खातिर उम्र सारी मंजूर है,
तलबे–दिल, लाल कुँआ दूर है।
🌿 Written by Rishabh Bhatt 🌿
✒️ Poet in Hindi | English | Urdu
💼 Engineer by profession, Author by passion
लफ़्ज़ों के पीछे का सफ़र
Series : लाल कुँआ मोहब्बत हमेशा एक अजीब सा राज़ रही है… किसी से प्यार ज़िन्दगी का नक्शा बदल देता है। कहते हैं— प्यार का जादू अक्सर उम्र भर का कैदी बना देता है।
मेरे लिए भी ये एहसास कुछ यूँ आया था जैसे अचानक से दिल में एक अनसुनी धड़कन गूंज उठी हो। मैं एक इम्तिहान देने जा रहा था। सफ़र लंबा था, थकान थी, और ट्रेन की भीड़ में मैं “Where is my train?” ऐप पर नज़रें गड़ाए खड़ा था। स्क्रीन पर मंज़िल का नाम उभर आया—लाल कुआं।
उस वक़्त वो नाम सिर्फ एक जगह नहीं लगा, एक मंज़िल-ए-दिल की तरह सामने खड़ा था। दिल बेक़रार था, बेचैनी अपनी हद पार कर रही थी। मैंने ख़ुद को समझाया—
दिल, सब्र रख… लाल कुआं अभी दूर है।और उसी पल दिल की गहराई से एक आवाज़ उठी—
तलबे–दिल, लाल कुआं दूर है।यही जुमला मेरी रूह में बस गया। हर शेर उसी से निकला। कभी उसके हुस्न की नक्काशी, कभी निगाहों का तीर, कभी उसके गुरूर की तल्ख़ी—सब उसी मोहब्बत की दास्तान है। असल में, ये कविता किसी जगह की नहीं, किसी शख़्स की दास्तान है। वो शख़्स, जो हमारी ज़िन्दगी का सबसे निजी हिस्सा भी होता है और सबसे खुला सच भी। जिसे हम छुपाने की कोशिश करते हैं, मगर दुनिया की हर नज़र जान लेती है कि दिल उसी का है। मोहब्बत दरअसल एक ऐसी मंज़िल है जिसे पाने के लिए सफ़र कितना भी लंबा हो, इंसान चलना छोड़ता नहीं। और “तलबे–दिल, लाल कुआं दूर है”… ये सिर्फ एक जुमला नहीं, बल्कि उस सफ़र का इकरार है, जो हर आशिक़ अपने दिल में करता है। अगर ये शब्द आपको connect कर पाए हों, तो नीचे comment में अपनी राय या अपना अनुभव ज़रूर लिखिए। 💬 और अगर आपको लगा कि ये किसी अपने तक पहुँचना चाहिए, तो बिना सोचे share कर दीजिए। ❤️ और हां, हर Friday RishNova पर कुछ नया पढ़ने ज़रूर आइए... अगला ब्लॉग शायद आपका favourite बन जाए। ✨
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