प्रेयसी : Season–1
तुम्हारे ह्रदय में मैं न रहूं 🌑
प्रिय,
पीड़ा तो मेरा साथी है 💔
इसलिए तुम्हें जीवन का आनंद उठाना चाहिए 🌷
जैसे दर्पण में देखने पर
तुम्हें स्वयं की झलक दिखाई देती है 🪞✨
उसी प्रकार तुम अपने स्वप्न
उस जीवन साथी के साथ देखो,
जिसे तुमने चुना है 💍🌙
मैं बस तुम्हारा एक अतीत था 🍂
मेरे मार्ग में विफलताएँ थीं, संघर्ष था 💫
जबकि तुम्हारी आनंदित छवि
तुम्हारे जीवन साथी के रूप में
तुम्हारे साथ है 🌸
मेरे हृदय में तुम सदैव रहोगी,
तुम्हारे हृदय में मैं न रहूँ,
यही चाहता हूँ 🕊️💖
सरलता परिस्थितियों में नहीं,
स्वभाव में होती है 🌿
वरना सरल परिस्थितियाँ भी
गरम मिजाज में राख हो जाती हैं 🔥🌫️
उसी प्रकार प्रेम,
वियोग में भी आनंद ही देता है 💫
किंतु ईर्ष्या सदैव
कलह का कारण बनती है ⚖️💭
किताब : मैं उसको ढूढूंगा अब कहां?
🌿 Written by Rishabh Bhatt 🌿
✒️ Poet in Hindi | English | Urdu
💼 Engineer by profession, Author by passion
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