दिव्य भक्ति संग्रह
Shree Ganesh Specialमैं गाता तुम्हें—गणेश वंदना
विघ्नहर्ता का आगमन
इस गणेश पूजा बप्पा के आशीर्वाद से महके आपका जीवनप्रसाद अनुराग का हूँ चढ़ता तुम्हें, मैं गाता तुम्हें... प्राण दाता तुम्हें...कवि यहाँ बप्पा को किसी भौतिक वस्तु का नहीं, बल्कि अपने 'अनुराग' यानी सच्चे प्रेम का प्रसाद चढ़ा रहा है। जब जीवन में हर तरफ से हार मिलती है, तब 'बनवारी' (बप्पा) आकर थाम लेते हैं। यहाँ भक्त अपने आँसुओं के खारेपन से बप्पा का तिलक करता है और अपने दिल की हर बात उन्हें बेझिझक बताता है।
मैं आया, आया तेरे द्वार सिद्धि विनायक, रखी लाज मेरी हे बने तुम सहायक...जब जीवन की कठिन परिस्थितियाँ इंसान को भीतर से तोड़ देती हैं—जैसे कोई ज्वाला में पिघलकर बर्फ में जकड़ गया हो—तब 'सिद्धि विनायक' का द्वार ही एकमात्र सहारा बनता है। बप्पा अपने भक्त की लाज रखते हैं, उसके सहायक बनते हैं और उसके सारे विघ्न हर लेते हैं।
इस जगत में क्या है भला इतना सजीला? कर सके जो तुम्हें छोड़, नेत्र को गीला...बप्पा का रूप इतना सजीला और मनमोहक है कि जब कोई भक्त आईने में देखता है, तो उसे खुद में भी बप्पा की ही छवि नज़र आने लगती है। यह प्रेम की वो पराकाष्ठा है जहाँ आँखों से बहने वाले आँसू भी ख़ुशी और भक्ति के रस में भीग जाते हैं।
मेवा, मिश्री नहीं, स्नेह हूँ खिलाता तुम्हें,मैं गाता तुम्हें... प्राण दाता तुम्हें।इस नश्वर संसार में इंसान का अस्तित्व एक छोटे से कीट जैसा तुच्छ हो सकता है, लेकिन बप्पा की करुणा असीम है। जब भी भक्त गिरता है, देवा उसे संभाल लेते हैं। इसलिए, भक्त उन्हें छप्पन भोग या मेवा-मिश्री नहीं, बल्कि अपने शुद्ध 'स्नेह' (प्रेम) का भोग लगाता है। अंतहीन भक्ति का सार यह कविता हमें सिखाती है कि बप्पा को रिझाने के लिए बड़े-बड़े आयोजनों की नहीं, बल्कि एक साफ़ दिल और अनकहे भावों की ज़रूरत होती है। जब हम अपनी सारी विवशताओं को उनके चरणों में सौंप देते हैं, तो वह 'विधाता' हमारे जीवन की नैया को पार लगा ही देता है। आपको इस अद्भुत कविता की कौन सी पंक्ति सबसे ज़्यादा पसंद आई? कमेंट सेक्शन में ज़रूर बताएं। गणपति बप्पा मोरया! मंगल मूर्ति मोरया! •💬 अगर आपको यह कविता अच्छा लगा हो, तो नीचे कमेंट में अपनी राय जरूर बताइए। •📲 इसे अपने दोस्तों और परिवार के साथ भी शेयर कीजिए। •📚 ऐसी ही कविताएँ, कहानियाँ और ब्लॉग पढ़ने के लिए हमारी वेबसाइट से जुड़े रहिए। ✨ •🌸 आपके स्नेह के लिए धन्यवाद — Team RishNova
