Main Mughalon Ke Khoon Ka Pyaasa Hoon ⚔️ – Rishabh Bhatt | Vibhutiyan S2

Rishabh Bhatt
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हल्दीघाटी की मिट्टी गवाह है, मातृभूमि के स्वाभिमान के लिए वो योद्धा साक्षात काल बन गया था

विभूतियाँ

Season–2

मैं मुगलों के खून का प्यासा हूँ

है मृत्यु आज अंकिंचित, मैं राणा उसकी अभिलाषा हूँ, वह आश लगाए पीछे मेरे, मैं मुगलों के खून का प्यासा हूँ। लोहू लोहित भाल, भुजा– सज्जित रण हुंकारों से, राजपूती शान बनी निर्झर, गिरि, मुगल दुबकते हथियारों से, हे मातृ धरित्री, पौरुष को– प्रतिदिन पौढ़ बनाने वाली, चल खेलें होली ले खप्पर, हम बालक, तूं माँ काली, कब केहरि ने श्वानों के झुंड पर, मुख अपना फेरा है? पर श्वानों की हिम्मत देखो, आ केहरि को घेरा है, तो आज बजेगी रणभेरी, एक एक शत्रु मारा जाएगा, अकबर का नाम लिखें इतिहासी, राणा को शौर्य सुनाएगा, जग बतलाएंगे तुझको, कैसे? पलते हैं वीर पसीने से, छाती की दृढ़ता सम्मुख तेरे, तू चाहे तोप लगा दे सीने से, मेवाड़ नहीं भू खण्ड केवल, नर–नर शक्ति का बाना है, पोषण ही बलिदान यहां है, यह जग जिसका दीवाना है, मेवाड़ जीतने का अकबर को, मैं राणा कुलिश निराशा हूँ, वह आश लगाए पीछे मेरे, मैं मुगलों के खून का प्यासा हूँ। 🌿 Written by Rishabh Bhatt 🌿 ✒️ Poet in Hindi | English | Urdu 💼 Engineer by profession, Author by passion

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महाराणा प्रताप जयंती विशेष 🌿⚔️

स्वाभिमान की अमर लौ
कुछ व्यक्तित्व समय के साथ पुराने नहीं पड़ते…बल्कि हर पीढ़ी को साहस, त्याग और स्वाभिमान का अर्थ समझाते रहते हैं। ऐसे ही अमर योद्धा थे Maharana Pratap — जिनका जीवन केवल एक राजा की कहानी नहीं, बल्कि आत्मसम्मान की जीवित मिसाल था। आज महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर, आप सभी पाठकों को हृदय से शुभकामनाएँ। 🌸 यह दिन हमें याद दिलाता है कि परिस्थितियाँ चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि मन में मातृभूमि के लिए प्रेम और स्वाभिमान जीवित हो… तो संघर्ष भी इतिहास बन जाता है। महाराणा प्रताप ने कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। राजमहलों का सुख छोड़कर जंगलों में जीवन बिताना स्वीकार किया, लेकिन पराधीनता स्वीकार नहीं की। उनकी वीरता, त्याग और अडिग साहस आज भी हर भारतीय के हृदय में प्रेरणा बनकर जीवित है। ⚔️ हल्दीघाटी का युद्ध केवल एक युद्ध नहीं था… वह स्वाभिमान और स्वतंत्रता के लिए लड़ी गई एक अमर पुकार थी। और उस पुकार की गूंज आज भी इतिहास के पन्नों में सुनाई देती है। महाराणा प्रताप हमें सिखाते हैं कि — सम्मान खोकर जीने से बेहतर है संघर्ष करते हुए अपने सत्य पर अडिग रहना। इस पावन अवसर पर यही कामना है कि उनके आदर्श, उनका साहस और उनका राष्ट्रप्रेम हम सभी के जीवन को नई प्रेरणा देता रहे। 🌿 अगर इतिहास की अनसुनी कहानियाँ और भूले-बिसरे किरदार आपको आकर्षित करते हैं, तो हर Friday हमारे ब्लॉग पर ज़रूर आइए। हर सप्ताह इतिहास का एक नया अध्याय आपका इंतज़ार करता है। जय मेवाड़। जय वीरता। जय महाराणा प्रताप। ⚔️
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