Divya Bhakti Sangrah 🪔– Devotional Poetry & Tale Playlist | Rishabh Bhatt

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Divya Bhakti Sangrah
'दिव्य भक्ति संग्रह'—एक ऐसी रूहानी दुनिया, जहाँ शब्द श्रद्धा बन जाते हैं और भावनाएँ सीधे ईश्वर के चरणों तक पहुँचती हैं। यह सिर्फ एक प्लेलिस्ट नहीं, बल्कि भक्ति का वह सागर है जिसमें डूबकर मन को असीम शांति और आत्मिक सुकून मिलता है।
इस संग्रह में हमने भक्ति के हर रंग को पिरोया है:
🏹 श्री सिया-राम स्पेशल : मर्यादा पुरुषोत्तम के आदर्श और प्रभु श्री राम की पावन करुणा।
🦚 श्री राधेश्याम स्पेशल : कान्हा की मुरली और राधा रानी के निस्वार्थ प्रेम की मधुर गाथाएँ।
🔱 माता रानी स्पेशल : माँ जगदम्बा की ममतामई छाया और उनकी शक्ति का जयघोष।
🚩 हनुमान जी स्पेशल : संकटमोचन की अटूट भक्ति, साहस और सेवा भाव के प्रेरक प्रसंग।
🪘 शिव-शक्ति स्पेशल : महादेव का वैराग्य और आदि शक्ति के सामर्थ्य का संगम।
🪔 गणेश जी स्पेशल : विघ्नहर्ता की महिमा और प्रथम पूज्य के मंगलकारी आशीर्वाद।
🪈 खाटू श्याम जी स्पेशल : 'हारे के सहारे' की महिमा और बाबा श्याम पर अटूट भरोसे की कहानियाँ।
इनके अलावा, इस संग्रह में भक्ति से भरपूर ढेरों कविताएँ और हृदयस्पर्शी लेख शामिल हैं, जो आपकी रोज़मर्रा की भागदौड़ में भक्ति का दीप जलाए रखेंगे। चाहे सुबह की प्रार्थना हो या रात का ध्यान, यह प्लेलिस्ट आपको दिव्यता के एक नए स्तर पर ले जाएगी।
आइए, 'दिव्य भक्ति संग्रह' के साथ इस आध्यात्मिक सफर का हिस्सा बनें और अपनी आत्मा को परमात्मा से जोड़ें।
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Shree Siya Ram Special
है सिया देखती
द्विग–युगल नैन मिलके क्षण बना दो अमर, है सिया देखती तुम भी देखो...
रंगोली मैं कैसी बनाऊं?
हमारे नयन को है चाहत तुम्हारी, मेरे नाथ अवगुण न देखो हमारी...
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राम आएं अवध को
आज गोदी कौशल्या की खिल जाएगी, कई गंगा भी संगम से मिल जाएंगी, फूल महके त्रिभुवन में बिछाओ चलो...
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मेरे तो राम सब कुछ हैं
छवि दिल में बने तुम्हारी भक्ति आठों याम लिख दो, नहीं किस्मत में कुछ ज्यादा मुझे बस राम लिख दो...
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मृग मोह
कल रात स्वप्न में एक पुत्र मैंने पाया था, यकीनन मृग ही ये स्वप्न बनकर आया था...
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फूल से सजा दूं तुम्हें ओ राम जी
सोने की किसको महक चाहिए, मुझे तेरी बस एक झलक चाहिए, तू शीतल पवन है हमारा...
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वन की भीलनी
प्रतिक्षाएं पूर्ण होती हैं विश्व को बताना था मां, धर्म की स्थापना हेतु राम को आना था मां...
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मिलें राम जिन्हें, क्या कहना
दो चहेरे के दुनिया वालों में तेरी एक नजर है पाई रे, सबरी के झूठे बेरों को खा मुस्कान भरें रघुराई रे...
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रामा रामा कण–कण पुकारे
स्वयंवर में सीता को जो सबसे थे प्यारे, विकल मन की चिंता विजयश्री निवारें, रामा रामा जन–जन के बनके...
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मुझे राम लाग है लागी रे
रोष नहीं, कुछ होश नहीं, कदमों का कोई दोष नहीं, चल–चलके डग हार गए, पग होते मेरे बेहोश नहीं...
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शक्तिपूजा की कहानी
मजबूरियों से गहरा और दो पहलू में होता है — एक जहाँ मजबूरियां आपके कदमों को रोक लेती हैं और दूसरा जहाँ मजबूरियाँ...
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श्री राम जन्मोत्सव
मां कौशल्या व्याकुल थीं.. बार-बार सूरज की ओर देखतीं,और ईश्वर से एक ही प्रार्थना करतीं — कि हे प्रभु! मेरा पुत्र प्रथम पहर में जन्म ले...
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कर्मभूमि मखौड़ा धाम
मनवर नदी के किनारे स्थित यह तीर्थ आज भी मखौड़ा धाम के नाम से अपने हृदय में राम को संजोए हुए है...
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अवध को राम मिल गए
आंखों में पानी भर–भर के आई, जैसे बारिश ने बूंदें बहाई, हो! मेरा मन...
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स्वर्णमृग
एक दिन जल में मृग ने अदभुद अपना बिम्ब एक पाया, सरिता को कर नमन उसने बोला, है प्रभु की अद्भुद ये माया...
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जय श्री राम
न समान पंचतत्व में कोई रघुवर सा नाम, सृष्टि के सृजनकर्ता जय रघुनंदन श्री राम...
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Shree Radheshyam Special
मैं नाम तेरे जीवन कर दूं
कान्हा की पगडंडी पे पग तेरी कैसे डोली? बंसी की सुन मधुर गान जब नैना तूने...
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ओ ब्रजरानी
सांसों का धन तुझको देके जीवन का मोल चुकाना है, सातों तीरथ तेरे अन्दर मुझे और कहीं न जाना है...
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सांवरे सुन लो ज़रा
जग ये तेरी न है मेरी मेरी जग मूरत में तेरी, डूबे मन की डूबी बूंदें खीच मुझको लाईं यहां...
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जय, जय, जय श्री कुमारी
उस धन का कोई मोल नहीं श्री चरणों की जिनपे छाप नहीं, वह जीना भी तो व्यर्थ हुआ, जिन सांसों...
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ओ चंद्र बदन!
तेरो नाम कई हैं बनवारी, तन विचरत कह कारी–कारी, मन से लहर उठें देखो भर...
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कान्हा तो मेरे सागर हैं
रुद्र रूप में तात तुम्हीं शिव, शक्ति के संग कान्हा फिर बन जाते, क्रोध में जिसके डमरू डोले, वहीं प्रेम में मुरलीधर कहलाते...
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जोगनिया — राधा की पुकार
उद्धव को तुम भेज दिए प्रिय मुझसे भी मिलने आओ तो, दिन बीत गए ज्यों तुमरे संग वो आके प्रीत लड़ाओ तो...
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प्रेम रतन की दीवानी
नैना जब से मैं खोली हूँ छवि तेरी रंगों में भर आई है, सावन की टिप टिप बूंदों में रे बरखा ही मधुबन को भाई है...
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मैं देखूं तो देखूं तुम्हारे अलावा किसे?
हैं लाखों वजह लाडली श्याम की तुम, तुम्हें पाकर जग भी, हो जाएगा गुम...
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मधुर धुन
श्यामा लाग तेरी जोगनिया को, पागल सी नगरों में भटकाती है, नाम तेरो लिख लिखके आठ पहर...
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वासुदेव श्री कृष्ण
हो! प्रभात रंगबिरंगा युग-युग तक नरपति, स्वेत-श्याम को भेद सकूं दो मुझको ऐसी गति...
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रंग दे तू मोहे प्रीत में
हाथों की लाली आज लिए रंगने को‌ तुझसे तुझमें आई, श्याम रंग में रगूं राधिका रंगे रास में फगुआई...
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Mata Rani Special
मईया चरण लगाने दे
भोग लगाकर मिश्री की भर–भरके पाई थाली है, वो नैना क्या चांद निहारे जिसकी तूं उजियाली है...
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हे शैलपुत्री मईया! तेरी सबसे शान निराली
हे जन्मदात्री कल्याणी मां! तुम करुणा दर्शाने वाली, हे शैलपुत्री मईया! तेरी सबसे...
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माँ ; देवी आदिशक्ति
कभी माँ की आंखों में आंखें डालकर बोला है आपने कि माँ आप दुनिया की सबसे सुन्दर स्त्री हो..?
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Hanuman Ji Special
हनुमत तेरे नाम से है
फूलों को मिलती सहारा बसंती, बागों का इस कोई माली तो है, निर्बल भी होकर डरूं क्यूँ प्रभु मैं? मुझ संग खड़ा तूं बलशाली तो है...
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बजरंग तुम्हारे सहारे मिलें
दयामय, कृपामय, जय–जय तेरी जय, हे सिद्धि अचल! हे बुद्धि अभय, हे विस्तृत हृदय! हे साहस निर्भय...
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Ganesh Ji Special
मैं गाता तुम्हें—गणेश वंदना
अश्रु के क्षारों से हूँ तिलक लगता तुम्हें, मैं गाता तुम्हें... प्राण दाता तुम्हें...
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विनायक मेरे
आए तुम्हीं लाज रखने भगत की हृदय ऊषा से हैं डगमगाएं मेरे, एक आस सबन की मुझपे लगी भय...
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हे बप्पा! तेरी आरती उतारूं
मोह के जंजाल हैं पाले जिसे, हाथ उसके पकड़ तू सम्हाले उसे...
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हे बप्पा! हम तुम्हरे सहारे
इसमें कहा कुछ भी नया नहीं भईया, जिस जीवन की नईया में हो तुम वो उसके खेवइया...
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Shiva Shakti Special
वही शिव हैं
जो ताण्डवी नृत्य करके भगवान नटराज बन जाए, वही कैलाश के निवासी, वही नीलकंठ कहलाए...
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Shree Khatushyam Special
द्वार अपने ही बाबा बुला लें मुझे
मेरे हैं भाग्य जगे, तुम मेरे सबसे सगे, वो अपने, जो सीने से लगा ले मुझे, माया की दुनिया में जाऊं कहां मैं? द्वार अपने ही बाबा बुला लें मुझे...
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Shree Swaminarayan Special
नीलकंठ की धरती पर
अक्षरधाम ने शांति दी थी पर छप्पिया ने श्रद्धा दी, एक ने मन को शांत किया दूसरे ने आत्मा को झुकाया...
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Author
Rishabh Bhatt

यह सिर्फ एक सीरीज़ नहीं, इश्क़ की गलियों में लिखा गया सफ़र है। जहाँ हर मोड़ पर एक कहानी बसती है—कहीं अधूरी चाहतों की खामोशी, कहीं बिछड़ने की आह, और कहीं मिलने की दुआ।
हर शेर, हर पंक्ति दिल से निकली है… और उसी दिल तक पहुँचने के लिए लिखी गई है।
इस सीरीज़ की ज़्यादातर कविताएँ Amar Ujala Kavya पर भी प्रकाशित हैं, और इनमें शामिल कई रचनाएँ मेरी किताबों — मेरा पहला जुनूं इश्क़ आख़री, क़समें भी दूँ तो क्या तुझे?, मैं उसको ढूँढूँगा अब कहाँ... से ली गई हैं, और कुछ मेरी आने वाली किताबों में भी आपको फिर से महसूस होंगी।
मैं profession से एक Engineer हूँ, लेकिन by soul एक Poet and Author। मेरे शब्दों की दुनिया इश्क़, एहसास और खामोशियों से भरी है — जहाँ मैं हर लम्हे को शब्दों में कैद कर देने की कोशिश करता हूँ।
मेरी किताबें Amazon, Flipkart, Notion Press, Pothi.com और दुनिया भर के सैकड़ों प्लेटफ़ॉर्म्स पर उपलब्ध हैं।
“आशिक़ों की गली में” सिर्फ कविताएँ नहीं हैं — ये उन दिलों की धड़कनें हैं जो अब भी मोहब्बत पर यक़ीन करते हैं।
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