Tum Mere Liye Safe Space Ho 🩹– Rishabh Bhatt | Meri Zindagi Hai Tu

ये कविता cramps, mood swings या pain की नहीं, उस इंसान की कहानी है जिसके सामने कुछ भी छुपाना नहीं पड़ता

मेरी ज़िन्दगी है तूं

Season–1

तुम मेरे लिए safe space हो

जब पहली बार तुमने धीरे से मेरे कान में कहा — "आज फिर वो दिन शुरू हुए हैं," तो ना तुम्हारी आवाज़ काँपी, ना लब… बस आंखों में सच्चाई थी और चेहरे पर तसल्ली का भरोसा कि मैं समझूँगा, मैं सुनूंगा — बिना टोक, बिना झिझक। तुमने कहा — "आज बहुत भारी लग रहा है… ऐसा लगता है जैसे कोई मेरे अंदर किचड़ सा भर रहा हो," और मैं बस सुनता रहा… ना घबराया, ना ‘taboo’ समझा, क्योंकि तुम्हारे लिए ये शब्द नहीं — अहसास थे। तुम मुझसे कहती थीं — "क्या तुम्हें अजीब नहीं लगता ये सब सुनकर?" और मैं कहता — "अजीब तो तब लगता है जब तुम्हारे दर्द को लोग मज़ाक समझ लेते हैं।" तुम खुलकर बोलती थीं — कि कौन सा pad comfortable लगता है, कौन सा brand rash करता है, कौन से दिन सबसे ज़्यादा तकलीफ़ होती है, और कौन सी रातें बिल्कुल नींद नहीं देतीं। तुमने कहा था — "मुझे अच्छा लगता है कि तुम्हारे सामने सब कुछ कह सकती हूँ… जैसे कोई best friend, कोई diary, कोई साया..." और मैं सुनता गया, हर शब्द तुम्हारी रूह से निकला लगता था, हर बात तुम्हारी हिम्मत का गवाह। तुम्हारा मुझसे ऐसे बात करना, जैसे तुम्हें पता हो — कि अब मैं सिर्फ़ आशिक़ नहीं, तुम्हारे वजूद का भी एक जिम्मेदार हिस्सा हूँ। कभी-कभी तो तुम अपने cramps का scale बताती थीं — "आज 7/10 है, पर manageable है।" और मैं कहता — "आज के लिए movie cancel, तुम्हारे लिए ginger tea और गोद available है..." तुम कहती थीं — "यार, इस बार बहुत flow है… लग रहा है जैसे energy drain हो रही हो," और मैं कहता — "energy वापस लाने के लिए तुम्हारा मुस्कुराना काफ़ी है, बाकी पोहा और dark chocolate भी मँगवा लिया है।" तुम्हारा ये खुलकर कहना — कि कौन सी बात परेशान करती है, कब चिड़चिड़ापन हद से ज़्यादा हो जाता है, और कौन सी बातों पर कोई बोले ही ना — यही तो मोहब्बत की असल बुनियाद होती है। तुम कहती थीं — "कभी-कभी बस किसी का हाथ थाम लेने से दर्द कम नहीं होता… पर डर चला जाता है।" और मैं तब तक तुम्हारा हाथ नहीं छोड़ता था जब तक तुम्हें नींद ना आ जाए। तुम मुझसे कहती थीं — "अरे यार, imagine करना… अगर मर्दों को periods होते तो शायद छुट्टी भी होती, ताज भी होता।" मैं मुस्कुरा कर कहता — "और शायद हमें तब समझ आता कि तुम हर महीने कितनी बहादुर होती हो।" तुम्हारी खुली बातों ने मुझे mature नहीं, इंसान बनाया। तुम्हारे इन बेझिझक जुमलों ने मुझे gender roles से ऊपर उठाया। और मैंने सीखा — कि ‘care’ सिर्फ chocolates लाना नहीं, बल्कि वो भी सुनना है जो दुनिया को ‘बोलना’ भी गुनाह लगता है। तुम कहती थीं — "शरीर से ज़्यादा थकान दिमाग़ में होती है…" और मैं तब किताबों की जगह तुम्हारे लिए lullabies गुनगुनाता था। Periods को तुमने कभी शर्म नहीं समझा, और मैंने भी कभी एहसान नहीं जताया। तुम बोलती रहीं, मैं सुनता रहा, फिर एक रोज़ तुमने कहा — "तुम मेरे लिए safe space हो… मेरी सबसे अपनी जगह।" "जब तुमने मुझसे बिना शर्म के हर तकलीफ़ बताई, तब समझ आया — भरोसे का मतलब क्या होता है। और जब मैंने बिना हिचक वो सब सुना, तब मुझे खुद पर फ़ख्र हुआ — कि मैंने तुम्हें तन्हा नहीं, पूरा और समझदार प्यार दिया…" 🌿 Written by Rishabh Bhatt 🌿 ✒️ Poet in Hindi | English | Urdu 💼 Engineer by profession, Author by passion

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Author's Note

कुछ बातें, जो कहना ज़रूरी लगा
मेरे प्यारे दोस्तों, अगर आप ये कविता पढ़ रहे हैं, तो मैं बस एक छोटी सी बात कहना चाहता हूँ। लड़कियों से — Periods कोई ऐसी चीज़ नहीं है जिसे छुपाकर रखा जाए या जिसके बारे में बात करने में शर्म आए। दर्द हो, mood swings हों, cramps हों या बस मन खराब हो... सब normal है। अपनी बात कहिए, क्योंकि जो लोग सच में अपने होते हैं, वो आपकी बात सुनते हैं, judge नहीं करते। और लड़कों से — अगर कभी कोई लड़की आप पर इतना भरोसा करे कि वो अपने सबसे uncomfortable दिनों की बातें भी बिना झिझक बता दे, तो उसे awkward मत बनाइए। हर problem का solution देना ज़रूरी नहीं होता, कभी-कभी बस सुन लेना, पूछ लेना कि "अब कैसा लग रहा है?" और उसके साथ रहना ही काफी होता है। मेरे लिए ये कविता periods के बारे में नहीं, बल्कि trust के बारे में है। उस comfort के बारे में है जहाँ किसी को अपने दर्द को explain करने से पहले सौ बार सोचना न पड़े। जहाँ care सिर्फ gifts या chocolates तक सीमित न हो, बल्कि समझ, respect और presence में भी दिखे। अगर इस कविता के बाद एक लड़की अपनी बात थोड़ा और खुलकर कह पाए, या एक लड़का थोड़ा और अच्छे से सुनना सीख जाए, तो मुझे लगेगा कि ये शब्द सही लोगों तक पहुँच गए। •💬 अगर आपको यह कविता अच्छा लगा हो, तो नीचे कमेंट में अपनी राय जरूर बताइए। •📲 इसे अपने दोस्तों और परिवार के साथ भी शेयर कीजिए। •📚 ऐसी ही कविताएँ, कहानियाँ और ब्लॉग पढ़ने के लिए हमारी वेबसाइट से जुड़े रहिए। ✨ •🌸 आपके स्नेह के लिए धन्यवाद — Team RishNova
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