Love, Lies & Zindagi
Love, Lies & Zindagi—नाम सुनकर ही कुछ-कुछ समझ आ गया न? बिल्कुल सही पकड़े हैं! ये पोएट्री कलेक्शन भी आपकी और हमारी तरह ही उलझी हुई, थोड़ी खट्टी-मीठी और बेहद ड्रामाटिक है। तो इस ब्लॉग में आपका स्वागत है, जहाँ हम बात करेंगे एक ऐसी पोएट्री सीरीज (Poetry Series) की जो सीधे आपकी रूह को छू लेगी।
✍️ क्या है इन कविताओं में खास?
ज़िंदगी कभी भी सीधी लकीर की तरह नहीं चलती। इसमें जब प्यार (Love) का तड़का लगता है, तो सब कुछ खूबसूरत लगने लगता है। लेकिन ठहरिए! जहाँ प्यार है, वहाँ थोड़े बहुत झूठ (Lies) भी तो आते ही हैं। और जब ये दोनों आपस में टकराते हैं, तो बनती है हमारी 'ज़िंदगी'। यह सीरीज दोस्ती, धोखे, रोमांस और सस्पेंस का एक ऐसा कॉकटेल है, जिसे आप एक बार पढ़ना शुरू करेंगे तो बिना खत्म किए उठ नहीं पाएंगे।
अगर आप भी बोरिंग रूटीन से ब्रेक लेकर एक शानदार और इश्क़ से भरी दुनिया में खो जाना चाहते हैं, तो "Love, Lies & Zindagi" को अपनी रीडिंगलिस्ट में आज ही शामिल कर लीजिए।
~ A Rishabh Bhatt Series
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Season 1
मेरा महबूब आया है 🎨
इन सितारों की मंजिल झिलमिलाती रात जैसी है, नई रीति रिवाजों में ये आजिज बात...
ख़ूबसूरत वो या ख़ूबसूरत रात हो गई? 🌙
एक वक़्त था जब मेरी रातों में चाँद थी, ख़ूबसूरती नहीं... तारें थे मगर कोई...
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तुम्हारे भीगे और खुले बाल 🌧️
तुम मेरी ज़िन्दगी में कुछ यूं हो, कि जितनी बार मंदिरों में घंटियां नहीं बजतीं, दरग़ाहों में...
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होंठों में कल ये बात हो न हो 🌿
करीब आती है क्यूं इतनी सम्हलके बाहें आपकी, भर लीजिए जी भरके मुझे...
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तितली फूल लेकर जा रही हो तो 🦋
सुना है खुदाओं के शहर कुदरत से दूर होती है, कुदरत के करिश्माओं में जो जन्नत...
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उस शाम जब मैंने अपना सब कुछ लुटाया 🌆
सौ बार हड्डियां टूटती मैं एक बार भी न रोता, अगर गलती मेरी होती और मैं तुमको खोता...
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जो कभी इस दौड़ में शामिल न हुआ 🕊️
भटकती रह गई हर आस मेरी, उसे दुआओं से ला न सकी, दिल के खाली फ्रेम में किसी...
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तेरे इश्क़ में आवारा हुआ हूँ 🥃
होश ने आगोश से निकाला है, तेरे इश्क़ ने मुझे अबतक सम्हाला है...
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तू खैर, अब आना भी नहीं 🍁
तशरीफ़ अदाओं की लेके किसी के बाहों में बैठी है,bहुस्न के मोड़ पर ये तितली...
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Season 2
बारिश का फीका पानी 🌧️
दस्तानों के ख़त्म होने से ख़त्म होने वाला नहीं, मैं पूरा खाना हूं सिर्फ निवाला नहीं...
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आज उसकी कहानी 🪽
ऐ जहां वालों बता दो मुझे मैं ख्वाब देखना शुरू करूं? प्यार से जिऊं, खुद की मर्जियों से...
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वश में तूने मेरे कर लिया 🪩
तन पे लगें जब मेरे रंग थे, तब से ही तुम जैसे मेरे संग थे, गुलालों की महक में तूने...
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Rishabh Bhatt
हर कहानी किसी किरदार से शुरू नहीं होती, कुछ कहानियाँ एक एहसास से जन्म लेती हैं। Love, Lies & Zindagi भी ऐसी ही एक पोएट्री सीरीज है—जहाँ प्यार अपनी सबसे खूबसूरत शक्ल में मिलता है, झूठ अपने सबसे कठिन सवाल छोड़ जाता है, और ज़िंदगी हर कविता के साथ एक नया अर्थ खोजती है।
इस सीरीज की कविताएँ रिश्तों की सच्चाइयों, अधूरी मोहब्बत, उम्मीद, टूटन, मुस्कान, तन्हाई और उन अनकहे जज़्बातों को आवाज़ देती हैं जिन्हें अक्सर शब्द नहीं मिलते। यहाँ हर कविता किसी न किसी दिल की कहानी है, जो शायद आपकी अपनी कहानी भी बन जाए।
मैं ऋषभ भट्ट profession से एक engineer हूँ, लेकिन दिल से हमेशा Poet and Author । मेरी कई नज़्में/कविताएँ Amar Ujala Kavya पर भी प्रकाशित हैं। मेरी किताबों — मेरा पहला जुनूं इश्क़ आख़री, कसमें भी दूँ तो क्या तुझे?, मैं उसको ढूँढूँगा अब कहाँ? में भी इनकी झलक है जो आज सैकड़ों प्लेटफॉर्म्स पर मौजूद हैं।
Love, Lies & Zindagi केवल एक पोएट्री सीरीज नहीं, बल्कि उन सभी लोगों के नाम एक ख़ामोश ख़त है जिन्होंने कभी सच्चे दिल से प्यार किया, किसी झूठ से टूटे, और फिर भी ज़िंदगी से मोहब्बत करना नहीं छोड़ा। ✨
