Love, Lies & Zindagi
Season–2मेरे पास आना छोड़ दो
तुम जो गई आवाजें आना बंद हो जाएंगी,
एक कमरे में जवानी बंदी हो जाएगी,
तुम जहां भी रहोगी एक किस्सा साथ चलेगा,
मगर मेरी तो कहानी बंद हो जाएगी,
पर दिक्कत हो तो साथ निभाना छोड़ दो,
यूं जबरन मेरे पास आना छोड़ दो।
कर तेरा आगाज़ सारी रौशनी सो गई,
पल भर ही सही पर बात तुमसे हो गई,
रिश्ते में अभी मोड़ अच्छा है, तुम बदल–
दोगी, तो समझूंगा मेरी राह खो गई,
एहसान इश्क़ का पगली जताना छोड़ दो,
यूं जबरन मेरे पास आना छोड़ दो।
धड़कनें थम गईं, न मालूम हाल क्या है?
भूल बैठा हूँ मैं बता दो साल क्या है?
तुम्हारी बंदिशें ही मुझसे, दर्द हैं मेरी,
बेड़ियां खोल सारी बता दो ख्याल क्या है?
तुम बातें मन की, दिल में दबाना छोड़ दो,
यूं जबरन मेरे पास आना छोड़ दो।
अनजान बाहों में मेरी अब गुजर नहीं,
रात आज है कि कल सहर नहीं,
तुम्हारे बाहों की, नींद मेरी कर्जदार है,
इसकी भी, तुम्हारे कमरे में अब मेरी कदर नहीं,
बस दूर जाने का अब से बहाना छोड़ दो,
यूं जबरन मेरे पास आना छोड़ दो।
🌿 Written by Rishabh Bhatt 🌿
✒️ Poet in Hindi | English | Urdu
💼 Engineer by profession, Author by passion
Author's Note
हर रचना के पीछे की छोटी-सी कहानीअगर आपने "तू झूठी मैं मक्कार" मूवी देखी है, तो आपको रणबीर और श्रद्धा की कहानी याद होगी। दो लोग मिले, प्यार हुआ, रिश्ता शादी तक पहुँच गया... लेकिन फिर अचानक लड़की दूर जाने लगी। वो रिश्ता ख़त्म करना चाहती थी, यहाँ तक कि breakup करवाने के लिए पैसे देकर किसी को काम पर लगाना चाहती थी। अजीब बात ये थी वो उस रिश्ते से बाहर निकलना चाहती थी और फिर भी मजबूरी में रणबीर के साथ रह रही थी।
"मेरे पास आना छोड़ दो" को लिखने की शुरुआत कहीं-न-कहीं उसी कहानी से हुई। Movie ने बस एक situation दी, लेकिन उसके पीछे जो emotions थे, उन्हें मैंने अपने अंदाज़ में महसूस किया। क्योंकि कभी-कभी कोई इंसान आपके इतना क़रीब होता है कि उसका दूर जाना भी तकलीफ़ देता है और उसका ज़बरदस्ती पास रहना भी।
इस नज़्म में वही उलझन है — एक ऐसा रिश्ता, जहाँ मोहब्बत अभी पूरी तरह ख़त्म नहीं हुई, लेकिन साथ निभाना भी पहले जैसा आसान नहीं रहा। इसलिए नज़्म बार-बार एक ही बात कहती है—"हां, यूं जबरन मेरे पास आना छोड़ दो।"
मुझे इसकी यह लाइन हमेशा अलग लगी—
"तुम जो गई आवाज़ें आना बंद हो जाएंगी,
एक कमरे में जवानी बंदी हो जाएगी..."
क्योंकि किसी के जाने से सिर्फ़ एक इंसान नहीं जाता। उसके साथ कमरे की आवाज़ें, रातों की आदतें, छोटी-छोटी बातें और रोज़मर्रा के कितने ही हिस्से चले जाते हैं। फिर भी कभी-कभी प्यार को बचाने का आख़िरी तरीका यही होता है कि सामने वाले को जाने दिया जाए।
शायद हर रिश्ता साथ रहने के लिए नहीं होता। कुछ रिश्ते हमें ये सिखाने आते हैं कि मोहब्बत में किसी को अपने पास रखना उतना ज़रूरी नहीं, जितनी उसकी ख़ुशी और उसकी मरज़ी को समझना है।
अगर इस नज़्म की कोई लाइन आपके दिल को छू जाए, तो नीचे Comment करके अपनी बात ज़रूर बताइए। और अगर आपको लगे कि यह कहानी किसी अपने की है, तो इसे उसके साथ Share भी कीजिए। ❤️
और हाँ, हर Friday RishNova पर एक नई Writing आपका इंतज़ार करती है। जुड़े रहिए... शायद अगली कहानी में आपको अपना कोई एहसास मिल जाए। ✨
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