Rishabh Bhatt
कई बार जीवन अपने जवाब शब्दों के रूप में भेजता है — ऐसे शब्द जो दिमाग़ से नहीं, सीधे आत्मा से उतरते हैं। “Manthan – Season 2” उसी रौशनी का अगला कदम है… एक नया अध्याय, जहाँ हर कविता भीतर चल रहे churn को आवाज़ देती है, और हर भावना खुद को शब्दों में ढालकर आपके सामने खड़ी हो जाती है।
इस बार की कविताओं में एक अलग सा ठहराव है — ना ज़्यादा कठिन, ना ज़्यादा सरल… बस उतनी ही कि आप उन्हें पढ़ें और एक पल को खुद में डूब जाएँ। यहाँ शब्द सिर्फ़ लिखे नहीं गए, उन्हें जिया गया है — हर लाइन दिल की धड़कन के बहुत पास से निकली है।
Season 2 की रचनाएँ फिलहाल किसी भी किताब में पब्लिश नहीं हैं — ये ताज़ी हैं, सच्ची हैं, और सीधे इसी सीरीज के लिए लिखी गई हैं। लेकिन मेरी दूसरी किताबें — Dev Vandana, Mera Pehla Junoon Ishq Aakhri, और Ye Aasma Tere Qadmon Mein Hai — दुनिया भर के कई प्लेटफ़ॉर्म्स पर मौजूद हैं, और वही मेरी कलम की यात्रा की साक्षी भी हैं।
मैं, ऋषभ भट्ट — पेशे से Engineer, पर हृदय से Author और Poet। मेरे लिए कविता कोई विधा नहीं, बल्कि आत्मा की भाषा है। Manthan : Season 2 की हर कविता इसी विश्वास से जन्मी है — कि शब्द अगर सच्चे हों, तो वे रास्ता भी दिखाते हैं और अन्दर की रोशनी भी जगाते हैं।
“Manthan – Season 2” उन सभी के लिए है जो अपने अन्दर के जीवन को सुनना जानते हैं। जो चुपचाप चलते हैं, पर हर कदम के पीछे एक विचार, एक आग, एक संकल्प होता है। ये सीरीज उसी संकल्प को आवाज़ देती है — ताकि आप खुद में झाँकें, खुद को समझें, और अपने सफर को थोड़ी और स्पष्टता, थोड़ी और रौशनी के साथ आगे बढ़ाएँ।
यहाँ शब्द पढ़े नहीं जाते — महसूस किए जाते हैं। यहाँ कविताएँ समझाई नहीं जातीं — वे खुद आपको समझाती हैं। और यही है Manthan – Season 2 का असली सार... ✨