Love, Lies & Zindagi : Season-1
Samandar Dard Ka 🌊
समंदर दर्द का मैंने बना दरिया सजोया है
छिपाकर मोतियां दिल में, बिना आंसू के रोया है
तुम्हारे इश्क में मैंने बनाया ताज़ था जो कल,
उसी मालाबे के नीचे आज हर ख्वाब खोया है..!!
निगाहों का नशा करके नहीं फिर लौट पाया हूँ,
शराबें होंठ तक लाकर नशें में ना डूब पया हूँ,
मेरे दिल को पिला दे जाम वो मयखाने में हो नहीं सकतीं,
अदाएं इश्क की पीकर नशें का जो लत लगया हूँ..!!
तुम्हें बाहों में भरके जब भी सीने से लगाया है,
अकेले चाँद को आँखें दिखा उसको जलाया है,
वही अब आग बरसी है मेरी ख्वाबों की जन्नत में,
लगा सीने से रातों को वही अब चाँद मुस्कुराया है..!!
सगाई मौत से करके मैं दूल्हा बन गया हूँ,
पहन के इश्क का सहेरा कफ़न पे चढ़ गया हूँ,
तुम्हारे याद में मरता था मैं तो रोज ही पल पल,
हकीकत आज की मेरी मैं कल का ख्वाब बन गया हूँ..!!
किताब : मैं उसको ढूढूंगा अब कहां?
🌿 Written by Rishabh Bhatt 🌿
✒️ Poet in Hindi | English | Urdu
💼 Engineer by profession, Author by passion
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