मंथन : संकल्प से सफ़र की ओर
Season–2प्रस्थान
अमा ले रही प्रस्थान,
हे हृदय के कलुष तुम भी जलो,
मलय की वात से पथ मोड़,
मोम के बंधन गलो,
तूलिका रख निज करो में,
व्यथा का व्याख्यान देता चितेरा,
ऊषा की हास रोलियों से,
मिटा दो, प्रस्थान ले अंधेरा,
यह प्रस्थान उल्लास हो,
विक्षत उच्छवास के अंतर्पथ में,
अविरल प्रमन दिशा देखे,
शाश्वत, रजत हास रथ में,
मेघवन में बटोरती,
अभिराम चित्र छाया,
यह रति के अंश हैं?
या कंदर्प की घोर माया,
मलयज की, कनक की,
घन तिमिर में विकसता गात,
चंद्रिका की कांति को बुझाती,
पल–पल प्रस्थान की यह रात।
🌿 Written by Rishabh Bhatt 🌿
✒️ Poet in Hindi | English | Urdu
💼 Engineer by profession, Author by passion
Author's Note
हर रचना के पीछे की छोटी-सी कहानीकुछ यादें कभी हमारा पीछा नहीं छोड़तीं। कुछ यादें हमें मुस्कुराने की वजह देती हैं, आगे बढ़ने की हिम्मत देती हैं, तो कुछ ऐसी होती हैं जो हर नए कदम पर हमें रोकना चाहती हैं। लेकिन सच यही है कि अतीत को बदला नहीं जा सकता। उससे सीखा जा सकता है, और फिर उससे आगे बढ़ा जा सकता है।
एक दिन मैं जेम्स क्लियर की किताब एटॉमिक हैबिट्स पढ़ रहा था। अगर आपने भी यह किताब पढ़ी है, तो शायद पहले अध्याय के आखिर में पिता और बेटे की वह छोटी-सी कहानी आपको याद होगी। उसका विषय मेरी ज़िंदगी से अलग था, लेकिन पता नहीं क्यों, उसने मुझे अपने अतीत के बारे में सोचने पर मजबूर कर दिया। उस कहानी ने मुझे बस इतना एहसास दिलाया कि कभी-कभी आगे बढ़ने के लिए किसी बड़े जवाब की नहीं, सिर्फ़ एक छोटे-से फैसले की ज़रूरत होती है। शायद उसी दिन मैंने अपने अतीत की सबसे बड़ी रुकावट से प्रस्थान लेने का फैसला किया।
मुझे अवतार: द लास्ट एयरबेंडर का एक दृश्य भी हमेशा याद आता है। जब आंग अपने रास्ते को लेकर उलझा होता है, तब उसे बार-बार यही सलाह मिलती है कि अगर उसे भविष्य बनाना है, तो उसे अतीत की पकड़ से बाहर आना होगा। यादें रहेंगी, लेकिन उन्हें अपने कल का फैसला नहीं करने देना चाहिए।
"प्रस्थान" उन्हीं एहसासों से निकली एक कविता है। यह अतीत को भूल जाने की बात नहीं करती, बल्कि उससे विदा लेकर आगे बढ़ने की बात करती है। एक नई उम्मीद के साथ, एक नए सफर की तरफ।
हो सकता है हम अपने अतीत को कभी पूरी तरह पीछे न छोड़ पाएँ। कुछ यादें हमेशा हमारे साथ चलेंगी। लेकिन ज़रूरी यह है कि वे हमारे कदमों की दिशा तय न करें।
"प्रस्थान" बस इसी विश्वास की एक छोटी-सी कोशिश है—कि हर रात के बाद एक नई सुबह होती है, और हर ठहराव के बाद एक नया रास्ता हमारा इंतज़ार कर रहा होता है। आशा है, यह कविता आपको भी अपने जीवन में किसी नए प्रस्थान की ओर एक कदम बढ़ाने की प्रेरणा दे।
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