Love, Lies & Zindagi : Season-1
Tere Ishq Mein Aawara Hua Hoon 🥃
मंजिलों की कोई ऐसी भी राह होती,
जहां तुम साथ चलती,
मैं एक ही कहानी में रहना पसंद करता,
अगर तुम किस्सा न बदलती,
खुशनुमा अंदाज़ देखो,
करीब से मुझको आज देखो,
होंठों पर ठहरी ख़ामोशी नहीं,
शारगोशियों की गहरी आवाज़ देखो,
दफ़न फरमाइशों का नज़ारा हुआ हूँ,
समन्दर मैं सूखकर किनारा हुआ हूँ,
तेरे इश्क़ में आवारा हुआ हूँ,
हां! मैं हारा हुआ हूँ।
मिजाज़ के रास्ते में ये इल्म कैसा है जाना?
मैंने सीखा है बचपन से वादा निभाना,
चीख टकराके वादियों से यूं लौट आए,
चलते–चलते तुम भी कभी लौट आना,
होश ने आगोश से निकाला है,
तेरे इश्क़ ने मुझे अबतक सम्हाला है,
तुम जगाने आती हो जब भी,
दिल में कई याद जाग उठते हैं,
खोए–खोए से हम तुममें,
सारी–सारी रात जाग उठते हैं,
आज तक जिसे अपना कहता आया हूँ,
इकलौती वो सूरत तेरी आँखों में बसाया हूँ,
कहकशां मैं ख़्वाब में तुम्हारा हुआ हूँ,
तन्हाइयों का खूबसूरत नजारा हुआ हूँ,
तेरे इश्क़ में आवारा हुआ हूँ,
हां! मैं हारा हुआ हूँ।
मिजाज़ रस्ते दिखाएंगे भटक जाना नहीं,
इन रास्तों पे फिर लौट आना नहीं,
ये इल्ज़ाम है मैं तुझे याद करता हूँ,
मुझको तो आया तुझको भुलाना नहीं,
मिलने–बिछड़ने के बहुत जुमले सुना हूँ,
अकेले ही तोड़ आईने ख्वाबों के बुना हूँ,
किसको उतारूं कागज़ों पर,
ज़िंदगी में अब कोई शख्स थोड़ी हैं,
ये जो लिखता हूँ मैं शेर अकसर,
चेहरे हैं, शब्द थोड़ी हैं,
कि इश्क़ तेवर में है मेरा,
लबालब तुमसे ही भरा,
बहकर तुम्हीं में फुआरा हुआ हूँ,
गंगा की सुरमई धारा हुआ हूँ,
तेरे इश्क़ में आवारा हुआ हूँ,
हां! मैं हारा हुआ हूँ।
किताब : मैं उसको ढूढूंगा अब कहां?
🌿 Written by Rishabh Bhatt 🌿
✒️ Poet in Hindi | English | Urdu
💼 Engineer by profession, Author by passion
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