दिव्य भक्ति संग्रह
Hanuman Ji Specialहनुमत – दया से तुम्हारी
निर्भीक होकर भयाकुल जगत में,
उछल चल रहा हूँ... दया से तुम्हारी,
मैं जो पथ पर सरल चल रहा हूँ,
हनुमत, दया से तुम्हारी।
लाल पट धार कर, तन ये लाली रंगे,
श्वेत श्रृंगार से यूं शरद में मनाली रंगे,
काया मैं रूप तूं,
ओस मैं धूप तूं,
तेज तुमसे लिए सूर्य बन जल रहा हूँ,
दया से तुम्हारी,
मैं जो पथ पर सरल चल रहा हूँ,
हनुमत, दया से तुम्हारी।
राम को मैं जपूं या राम जिनसे मिलें?
पुष्प दोनों अनूपम प्रणय से खिलें,
प्राणों के हे प्रिये,
स्वास तुमसे जिए,
जोग में तेरी जोगी बना, सरोवर में जैसे–
कवल खिल रहा हूँ, दया से तुम्हारी,
मैं जो पथ पर सरल चल रहा हूँ,
हनुमत, दया से तुम्हारी।
आ दिखा दो दर्श, रूप कैसी रखें?
हर घड़ी, हर प्रहर, नैन तुमको लखें,
भावना प्रिय निरंतर तुम्हीं,
श्याम–सत्य–सुन्दर तुम्हीं,
हैं तरसते नेह, अश्रु लेकर विकल चल रहा हूँ,
दया हो तुम्हारी,
मैं जो पथ पर सरल चल रहा हूँ,
हनुमत, दया से तुम्हारी।
छोड़ भंगुर प्रवृति बन तुम्हारा अचल चल रहा हूँ,
दया से तुम्हारी,
मैं जो पथ पर सरल चल रहा हूँ,
हनुमत, दया से तुम्हारी।
🌿 Written by Rishabh Bhatt 🌿
✒️ Poet in Hindi | English | Urdu
💼 Engineer by profession, Author by passion
हनुमान जी पर एक विशेष कविता
ज्येष्ठ मास के बड़े मंगलवार की हार्दिक शुभकामनाएँ! 🌺 नमस्कार प्यारे पाठकों!
RishNova परिवार की ओर से आप सभी को ज्येष्ठ महीने के पावन बड़े मंगलवार (बुढ़वा मंगल) की बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएँ! बजरंगबली जी की कृपा आप सभी पर बनी रहे और वे आपके जीवन के सभी कष्टों को हर लें।
जैसा कि आप सभी को याद होगा, 'हनुमान जयंती' के पावन अवसर पर जब मैं आपके लिए "है सिया देखती" कविता लेकर आया था, तब मैंने आप सभी से वादा किया था कि मैं बहुत जल्द पवनपुत्र हनुमान जी की अपार शक्ति और भक्ति पर एक विशेष कविता लेकर आऊंगा। आज, बड़े मंगलवार के इस शुभ अवसर पर, मैंने अपना वह वादा पूरा किया।
हनुमान जी—जो शक्ति, साहस और समर्पण के साक्षात प्रतीक हैं। महादेव के ग्यारहवें रुद्र अवतार के रूप में, वे कलियुग में सबसे प्रमुख देवता माने जाते हैं, जो रामभक्तों की रक्षा करते हैं। यह कविता मेरी ओर से उस बजरंगी को समर्पित है, जिनके हृदय में सीता-राम बसते हैं और जो राम के काज के लिए अटूट समर्पित हैं।
आशा है कि इस कविता ने आपके हृदय को हनुमान जी की भक्ति से घड़ी भर के लिए जरूर मिलाया होगा।
यह कविता सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि बजरंगबली के चरणों में मेरी अटूट श्रद्धा का एक छोटा सा प्रयास है। मुझे पूरा विश्वास है कि संकटमोचन हनुमान जी की यह महिमा आपके भीतर भी एक नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार करेगी। आपको यह कविता कैसी लगी, मुझे कमेंट सेक्शन में जरूर बताएं।
और अगर कविताएँ आपके दिल से बात करती हैं, तो हर Friday हमारे साथ जुड़े रहिए। हर सप्ताह कुछ नए एहसास, नए शब्द और नई भावनाएँ लेकर आते हैं। एक बार फिर RishNova परिवार की ओर से आप सभी को बड़े मंगलवार की अनंत शुभकामनाएँ। पवनपुत्र आपके जीवन के सभी संकटों को हरें और आपको सुख-समृद्धि प्रदान करें।
॥ जय श्री राम... जय बजरंगबली ॥
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