Mahaz Ik Shart Thi Tum Tod Dete Bapu ⚔️ – Rishabh Bhatt | Aye Watan Tere Liye
personRishabh Bhatt
January 26, 2023
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ऐ वतन तेरे लिए 🇮🇳 : Season – 1
महज़ इक शर्त थी तुम तोड़ देते बापू ⚔️
महज़ इक शर्त थी तुम तोड़ देते बापू,
बंटवारे के इतिहास में मैं अबतक खोया हूं,
हजारों जुगनू की ख्वाहिश थी मेरी आंखों को,
अंधेरी रात को देकर ज़मीं में इक बीज बोया हूं,
हुकूमत छीन लूं उनसे चिराग़ों के जो गद्दार बैठे हैं,
बगावत ईमान की लेकर तेरी आंचल में सोया हूं,
कई जिन्ना मिले इतिहास में मुझको,
मगर इक ही शाम पे आंसू पिरोया हूं,
हवाओं का रुख बदलने दो वतन के वास्ते,
मैं सदियों पुराने मुल्क को दिल में संजोया हूं,
खैरियत के वास्ते सितम को झेलने वालों,
जली लाशें किसी इक क़ौम के हाथों उसी कश्मीर पे रोया हूं,
इमां को बेचकर वो ज़ालिम खुदा का नाम लेते हैं,
लहू में डूबकर जिनके मैं अपनी शाम धोया हूं,
महज़ इक शर्त थी तुम तोड़ देते बापू,
बंटवारे के इतिहास में मैं अबतक खोया हूं।
🌿 Written by Rishabh Bhatt 🌿
✒️ Poet in Hindi | English | Urdu
💼 Engineer by profession, Author by passion
अपने देश के लिए लिखना मेरे लिए सिर्फ काम नहीं, बल्कि एक एहसास और जज़्बा है। हर अल्फ़ाज़ में मिट्टी की खुशबू, वीरों की गूँज और वतन का गर्व समाया है।
मैं professionally engineer हूँ, लेकिन दिल और आत्मा से poet और author। मैं Amar Ujala और Pocket Novel platforms पर भी अपनी कविताएँ और कहानियाँ साझा करता हूँ। मेरी किताबें Notion Press, Pothi.com, Amazon, Flipkart और दुनिया भर की दर्जनों प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध हैं।
मेरी प्रमुख रचनाओं में शामिल हैं: मेरा पहला जुनूं इश्क़ आख़री, ये आसमा तेरे कदमों में है, Incompleteness At Every Turn, Sindhpati Dahir 712 AD और कई अन्य किताबें, जो हर पाठक के दिल तक मेरी भावनाओं और सोच की गहराई पहुँचाती हैं।
मेरी कोशिश है कि मेरे शब्द सिर्फ पढ़े न जाएँ, बल्कि महसूस किए जाएँ—देशभक्ति, प्रेम और जीवन के हर पहलू की गूँज के साथ। ✨
🪔💫 वंदे मातरम 🇮🇳🙏🏻