"झिलमिल पनिया में सोना सुरुज देव ठाणे मुस्काए,
अरघ उतारे छठ वरतिया, दूनू रे हाथे सुपवा उठाय...।"
घाटों पर वेदी के सामने बैठ, जब मां
अपने बेटों के लिए इन लोकगीतों को गाती हैं,
तो इसके आगे स्वयं ईश्वर को भी
भाव-विभोर होना पड़ता है...
ऐसी मान्यता है —
कि द्वापर युग में मां कुन्ती ने भी
अपने पुत्रों के लिए छठी का व्रत किया था,
त्रेता युग में वनवास से लौटने के बाद
मां सीता ने भी इस व्रत को किया...
कार्तिक शुक्ल षष्ठी को पड़ने वाला यह महापर्व
अपनी एक और मान्यता के लिए
और भी लोकप्रिय हो जाता है...
कथा है —
राजा प्रियव्रत और रानी मालिनी ने
एक पुत्रकामेष्टि यज्ञ करवाया,
जिसे महर्षि कश्यप ने सम्पन्न किया,
और राजा प्रियव्रत को एक पुत्र प्राप्त हुआ...
पर दुर्भाग्यवश —
वह नवजात शिशु मृत था...
दुःखी होकर राजा ने ईश्वर की प्रार्थना की,
और उनके समक्ष स्वयं मां देवसेना आईं,
जिनकी आराधना से राजा को पुत्र-सुख प्राप्त हुआ...
इन्हीं मां देवसेना को
मां छठी भी कहा गया...।
ऐसी अलौकिक इतिहास को धारण करने वाली
हमारी संस्कृति को, कहीं न कहीं
हम पीछे छोड़ रहे हैं...
यूरोपीय और अरबी कथाकथित व्याख्याएं
हमें बिखरा हुआ बताती हैं,
लेकिन घाटों पर —
हर ऊंच-नीच की भावना से दूर,
जब वेदी के सामने सबके शीष झुकते हैं,
तो वही हमारी पहचान है...
जाति-पात, अमीरी-गरीबी से दूर,
जब ठेकुए की प्रसाद के लिए
एक-दूसरे के सामने हाथ चले जाते हैं,
तो वही है हमारी एकता...
‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की ऐसी भावना का उदाहरण —
शायद... छठ पूजा से
बेहतर और कुछ नहीं हो सकता...। 🌅🪔
किताब : देव वंदना
🌿 Written by Rishabh Bhatt 🌿
✒️ Poet in Hindi | English | Urdu
💼 Engineer by profession, Author by passion
मैं वही लिखता हूँ जो मेरे दिल की गहराइयों से निकलता है। बचपन से ही माता रानी की कृपा मेरे जीवन की राह रही है। उनके भक्ति गीतों की गूँज और मंदिर की घंटियों की ध्वनि मेरे लिए सिर्फ आवाज़ें नहीं, बल्कि आत्मा की राह दिखाने वाले संकेत रही।
मेरी कलम उन्हीं एहसासों की गूंज है—माँ दुर्गा की महिमा, उनके अवतारों की प्रेरणा और भक्तिभाव की सादगी। हर शेर, हर कविता एक आध्यात्मिक यात्रा है, जो पढ़ने वाले के दिल में श्रद्धा और प्रेम की रोशनी जगाती है।
मैं कोशिश करता हूँ कि मेरी लेखनी आपके दिल तक वही अनुभूति पहुँचाए जो मैंने अपने अनुभव, भक्ति और ज्ञान में पाया है। हर शब्द में मेरी नम्रता और श्रद्धा, हर पंक्ति में मेरा सच्चा प्रेम और हर कविता में मेरी आत्मा का अंश है। ✨
मेरी आशा है कि मेरी कविताएँ आपके हृदय में माता रानी के प्रति सम्मान और प्रेम की चिंगारी जगा सकें और आपको भी वह शांति और मार्गदर्शन महसूस हो जो मेरे लिए हमेशा प्रकाश रही है। 🌿