द्विग–युगल नैन मिलके, क्षण बना दो अमर,
है सिया देखती, तुम भी देखो इधर...
धनुधर तुम्हें चित कर विदित आ रही है,
कर्ण सुहाए, कनक भा रही है,
इक तरफ फूल है, सारे भौंरे इक तरफ,
इक तरफ सृष्टि है, इक झलक इक तरफ,
लख रही जानकी, लख दो तुम भी इधर,
है सिया देखती, तुम भी देखो इधर,
द्विग–युगल नैन मिलके, क्षण बना दो अमर,
है सिया देखती, तुम भी देखो इधर।
है नमन! मात, सूरज ये जिसने जनी,
चन्द्र मेरे प्रिये, मैं विधुलेखा बनी,
क्या तुम्हीं ने विधाता रूप ऐसा लिया?
हुई सबसे मगन इस जगत में सिया,
साँस, कुछ और पल, भर लो रघुवर ठहर,
है सिया देखती, तुम भी देखो इधर,
द्विग–युगल नैन मिलके, क्षण बना दो अमर,
है सिया देखती, तुम भी देखो इधर।
✨❤️ हनुमान जन्मोत्सव की मंगलकामनाएँ❤️✨ प्रिय पाठकों,
सबसे पहले आप सभी से दिल से एक छोटी सी क्षमायाचना… 🙏
राम नवमी के पावन अवसर पर इस बार मैं आपके लिए कोई नई कविता प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके लिए मैं हृदय से आप सभी से क्षमा प्रार्थी हूँ। आपका प्रेम और इंतज़ार मेरे लिए बहुत मायने रखता है, और यह कमी मैं जल्द ही पूरी करने का वचन देता हूँ। 🤍
अब इस पावन अवसर पर…
✨
आप सभी को हनुमान जन्मोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं। ✨ 🪔
पवनपुत्र श्री हनुमान जी की कृपा आप पर सदा बनी रहे, 🙌 आपके जीवन में साहस, शक्ति और भक्ति का प्रकाश कभी कम न हो। 🔥
जिस प्रकार उन्होंने हर संकट में अडिग विश्वास और निस्वार्थ सेवा का मार्ग चुना, 💪 वैसे ही आपके जीवन में भी हर कठिनाई सरल होती चली जाए। 🌸
🌼 आपके मन में श्रद्धा हो,
💫 आपके कर्मों में निष्ठा हो,
🔥 और आपके हर प्रयास में सफलता का आशीर्वाद हो। 🚩
आपका स्नेह और साथ ही मेरी लेखनी की असली ताकत है… ❤️ और इसके लिए मैं आपका आभारी हूँ।
🙏 अंत में, एक बार फिर आप सभी को हनुमान जन्मोत्सव की ढेर सारी शुभकामनाएं। 🚩✨
🚩 जय श्री राम! जय श्री हनुमान! 🔥
🩵 सप्रेम,
– Rishabh Bhatt
🌿 Written by
Rishabh Bhatt 🌿
✒️ Poet in Hindi | English | Urdu
💼 Engineer by profession, Author by passion
🙏🙏✨✨
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